पंचायत चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण पर मंथन, बलिया पहुंचे समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष

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आरक्षण को लेकर आयोग गंभीर, पिछड़ी जातियों की स्थिति का हो रहा आकलन

79 पिछड़ी जातियों की स्थिति पर मंथन, पंचायत चुनाव के आरक्षण पर हुई चर्चा

बलिया। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने और आरक्षण की स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की महत्वपूर्ण बैठक हुई। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री राम औतार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनपद द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों की समीक्षा की गई। साथ ही पिछड़े वर्गों की सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।


बैठक में अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया है। आयोग का उद्देश्य स्थानीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के संबंध में अध्ययन और सर्वेक्षण कर उचित संस्तुति देना है।

 


उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं ग्राम पंचायत के चुनाव होने हैं। इन चुनावों से पहले पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का आकलन करना बेहद जरूरी है। आयोग इसी आधार पर यह अध्ययन कर रहा है कि पिछड़े वर्ग की विभिन्न जातियों को किस प्रकार उचित आरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग को मिलाकर कुल आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत तक निर्धारित है। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आयोग का उद्देश्य पिछड़े वर्गों की विभिन्न जातियों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन कर यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण का लाभ उचित रूप से संबंधित वर्गों तक पहुंचे।

 


बैठक में पिछड़ा वर्ग की विभिन्न जातियों, विशेषकर 79 जातियों की सामाजिक एवं राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष ने कहा कि आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से प्राप्त आंकड़ों का परीक्षण किया जा रहा है, ताकि आरक्षण के संबंध में तथ्यपरक निर्णय लेने में सरकार को मदद मिल सके। उन्होंने स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों की भागीदारी और उनके प्रतिनिधित्व को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर सर्वेक्षण एवं अध्ययन की व्यवस्था को महत्व दिया गया। वर्ष 2022-23 में नगर निकाय चुनावों के दौरान भी पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण को लेकर आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण रही। बैठक में जनपद की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर पिछड़े वर्गों की स्थिति की समीक्षा की गई। आयोग ने पंचायत चुनावों में सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तथ्यों के संकलन एवं परीक्षण पर जोर दिया। बैठक में आयोग के सदस्य श्री बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश), श्री संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश), डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस) एवं श्री एसपी सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) उपस्थित रहे। इसके अलावा जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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