आज दिनांक 05.11.2026 को पुलिस कार्यालय के सभागार में श्रीमान् पुलिस अधीक्षक बलिया डॉ0 ईरज राजा के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी श्री दिनेश कुमार शुक्ला द्वारा जिले की समस्त थानों की महिला बीट पुलिस अधिकारियों एवं महिला आरक्षियों के साथ “मिशन शक्ति फेज-6” के तहत चल रहे जागरुकता कार्यक्रम की समीक्षा बैठक/गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला बीट प्रणाली को अधिक सुदृढ़, सक्रिय और प्रभावी बनाना था ताकि क्षेत्र की महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा की भावना को और मजबूत किया जा सके।

बैठक के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी महोदय द्वारा निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए कड़े दिशा-निर्देश दिए गए-
बीट बुक को गंभीरता से अपडेट रखना- अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी महोदय द्वारा महिला बीट पुलिस कर्मियों की बीट बुक का बारीकी से अवलोकन किया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बीट क्षेत्र की समस्त छोटी-बड़ी सूचनाएं, गणमान्य व्यक्तियों के नंबर, और संदिग्ध गतिविधियों का विवरण तुरंत बीट बुक में दर्ज किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्षेत्र में नियमित भ्रमण और जनसंवाद- समस्त महिला बीट अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों, गांवों, कस्बों और स्कूलों/कॉलेजों में नियमित रूप से भ्रमण करें। स्थानीय महिलाओं, बालिकाओं और गृहणियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुनें तथा उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करें।

महिला अपराधों पर त्वरित कार्यवाही महिला बीट कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए कि छेड़खानी, घरेलू हिंसा या महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित किसी भी मामले की सूचना मिलने पर तुरंत संज्ञान लिया जाए और संबंधित थाने को सूचित कर कड़ी कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाए।

सुरक्षा योजनाओं व हेल्पलाइन का प्रचार-प्रसार- मिशन शक्ति फेज-6 के तहत बीट पुलिस कर्मी क्षेत्र की महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित महिला सुरक्षा योजनाओं और विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों (जैसे- 1090 वीमेन पावर लाइन, 112 आपातकालीन सेवा, 181 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आदि) के प्रति जागरूक करें ताकि पीड़ित महिलाएं बिना किसी झिझक के पुलिस की सहायता ले सकें।
समस्याओं की सुनवाई- बैठक के अंत में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी महोदय द्वारा महिला बीट कर्मियों की व्यक्तिगत और विभागीय समस्याओं को भी सुना तथा उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।








